











जालंधर 6 अक्टूबर (हरविंदर सिंह फुल्ल)-
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स के देशव्यापी आह्वान पर, आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन पंजाब (CITU) ने जालंधर में राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह भज्जी के घर के बाहर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान इकट्ठा हुई सैकड़ों आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ नारे लगाए और मांग की कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को संसद में उठाया जाए।प्रदर्शन का नेतृत्व राज्य अध्यक्ष हरजीत कौर पंजोला और राज्य महासचिव सुभाष रानी ने किया। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लंबे समय से आंगनवाड़ी वर्कर्स पर अत्याचार और शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि साल 2018 में केंद्र ने मानदेय में मामूली बढ़ोतरी की थी, लेकिन उसके बाद लगातार बढ़ती महंगाई के बावजूद कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। केंद्र सरकार 60:40 के रेश्यो के हिसाब से वर्कर को सिर्फ़ 2700 रुपये और हेल्पर को 1350 रुपये दे रही है, जो आज के ज़माने में बहुत कम है।सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी नेताओं ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के साफ़ आदेशों के बावजूद केंद्र सरकार आंगनवाड़ी वर्करों को मिनिमम वेज के दायरे में लाने, सोशल सिक्योरिटी देने और उन्हें पेंशन और ग्रेच्युटी जैसे अधिकार देने के लिए कोई सही कदम नहीं उठा रही है।वर्कर अपनी जेब से खर्च करने को मजबूर हैं। यूनियन के नेताओं ने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर ‘पोषण अभियान’ और ‘पोषण माह’ जैसी ज़रूरी सरकारी स्कीमों को ज़मीनी लेवल पर लागू करती हैं। लेकिन सरकार प्रोग्राम को कामयाब बनाने के लिए ज़रूरी फंड नहीं देती, जिससे वर्करों को अपनी जेब से पैसे खर्च करने को मजबूर होना पड़ता है। इसके अलावा दूसरे डिपार्टमेंट के एक्स्ट्रा काम का बोझ भी डाला जाता है और काम पूरा न होने पर नोटिस देकर मेंटल प्रेशर बनाया जाता है।यूनियन की मुख्य मांगें:
आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार मिनिमम वेज कानून लागू किया जाए। मानदेय में उचित बढ़ोतरी की जाए और पेंशन व ग्रेच्युटी की सुविधा दी जाए। मुख्य विभाग के अलावा दूसरे विभागों के अतिरिक्त काम तुरंत बंद किए जाएं। पोषण माह और दूसरे आयोजनों पर हुए खर्च का पूरा भुगतान सरकार सुनिश्चित करे।
1 और 2 दिसंबर को दिल्ली में महा-प्रदर्शन होगा
यूनियन नेताओं ने राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह भज्जी से मांग की कि वे इन जायज मांगों को संसद में जोरदार तरीके से उठाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये के खिलाफ आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर 1 और 2 दिसंबर को दिल्ली में बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगी।
