

















जालंधर,6 नवंबर (भारत विज़न 24)-सिख कौम का इतिहास सिख धर्म की तरक्की के लिए कुर्बानी देने वालों से भरा पड़ा है। सिख बड़े-बड़े पदों को ठोकरें मारते थे और अपनी कुर्बानी देते थे। जब सिख कौम मुश्किल में थी, तो सिख कौम ने हमेशा बिना किसी लालच के सिख धर्म की तरक्की के लिए कुर्बानी दी। उन्होंने गुरु साहिब द्वारा लगाए गए सिख धर्म के पौधे को हरा-भरा रखने के लिए अपने खून की आखिरी बूंद तक कुर्बान कर दी। सिख तालमेल कमेटी के नेता तजिंदर सिंह परदेसी, हरपाल सिंह चड्ढा, हरप्रीत सिंह नीटू, गुरविंदर सिंह सिद्धू और हरविंदर सिंह चटकारा ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि सिखों की बेमिसाल कुर्बानियों के मुकाबले मौजूदा सिखों में कुछ ऐसे नेता भी हुए हैं जिनके मतलब, मौकापरस्ती और दलबदल ने नए कीर्तिमान बनाए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को सिख धर्म अपनी कुर्सी की जरूरत है। सत्ता के लालच में ऐसे लोगों ने श्री अकाल तख्त साहिब जी की शान को खत्म कर दिया है और सिख धर्म को बर्बाद कर दिया है। हम पंजाब में रहने वाले सिख परिवारों से रिक्वेस्ट करते हैं कि वे जहां भी जाएं, ऐसे लोगों को अपना सामना न करने दें। उनका डटकर विरोध करना चाहिए। ऐसे लोग सिर्फ कठपुतली हैं। उनका सिख धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। सिख समुदाय आपकी नापाक हरकतों को बड़े ध्यान से देख रहा है। सिख समुदाय ऐसे किसी भी व्यक्ति को माफ नहीं करेगा जो अकाल तख्त से मुंह मोड़ लेगा।

