













जालंधर, 24 अक्टूबर (भारत विज़न 24)-डंकी रुट के जरिये अमेरिका भेजे गए तकरीबन 300 लोगों को अमेरिका भेजने और वहाँ से डिपोर्ट किये जानने के मामले में ई डी जालंधर द्वारा गिरफ्तार किए गए दिल्ली के बी जे इंटरनेशनल के मालिक और ट्रैवल एजेंट तरुण खोसला, जिन्हें ई डी ने कल दिल्ली में उनके घर से गिरफ्तार किया था को आज ट्रांजिट रिमांड पर लाकर ड्यूटी जज एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज परमिंदर सिंह राय की कोर्ट में पेश किया गया। ई डी की तरफ से वकील अजय पठानिया कोर्ट में पेश हुए और कोर्ट से अरुण खोसला का 10 दिन की रिमांड मांगा। कोर्ट ने ई डी के वकील द्वारा पेश किए गए फैक्ट्स और सबूतों को देखते हुए और यह बताते हुए कि इस मामले में 17 FIR दर्ज हैं और मनी लॉन्ड्रिंग के तहत यह मामला दर्ज किया गया है, तरुण खोसला को 7 दिन की ई डी रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है और अब आरोपी को 30 अक्टूबर को फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस मामले में अरुण खोसला की तरफ से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए वकील मोहित चौधरी पेश हुए। इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक, बताया गया कि ट्रैवल एजेंट इन लोगों को अलग-अलग शहरों से सटे जंगलों से होते हुए डंकी रुट द्वारा अमेरिका भेजता था और उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी। एडवोकेट अजय पठानिया ने कोर्ट को बताया कि जब इन सभी लोगों को डिपोर्ट करने की घटना हुई, उस समय ई डी ने इस केस से जुड़े कुछ ट्रैवल एजेंट्स के ठिकानों पर रेड की थी, जिनमें रिची ट्रैवल जालंधर का नाम भी सामने आया था और उनके ठिकानों से करीब 4.62 करोड़ के सोने के बार, करीब 313 kg चांदी, डिजिटल डिवाइस और दूसरे डॉक्यूमेंट्स बरामद हुए थे और इस मामले अभी और पूछताछ की जानी है इसलिए यह रिमांड जरूरी है।
