चंडीगढ़, 25 सितंबर,(भारत विज़न 24)-राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने जालंधर की एक प्राइवेट पासपोर्ट एजेंट, हरदीप कौर को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उसने जालंधर पासपोर्ट ऑफिस के अधिकारियों के साथ अपनी कथित जान-पहचान का फायदा उठाकर शिकायतकर्ता का पासपोर्ट जल्दी बनवाने के बदले यह पैसे मांगे थे।जानकारी देते हुए, स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी को जालंधर जिले की फिल्लौर तहसील के कंडोला खुर्द गांव के एक निवासी की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया।उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। जब वह ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स के साथ जालंधर पासपोर्ट ऑफिस पहुंची, तो संबंधित अधिकारी ने उसे बताया कि उसके पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशन अभी पूरा नहीं हुआ है। पासपोर्ट ऑफिस से बाहर निकलने पर, ऑफिस के पास बने एक बूथ के बाहर दो प्राइवेट पासपोर्ट एजेंट—एन.पी. सिंह और हरदीप कौर—उससे मिले। उन्होंने पासपोर्ट ऑफिस के किसी अधिकारी के जरिए बिना पुलिस वेरिफिकेशन के पासपोर्ट जल्दी बनवाने के बदले ₹35,000 की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत की मांग से जुड़ी बातचीत रिकॉर्ड कर ली।क्योंकि शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहती थी, इसलिए उसने विजिलेंस ब्यूरो, जालंधर रेंज से संपर्क किया। उसकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए प्राइवेट पासपोर्ट एजेंट हरदीप कौर को रंगे हाथों पकड़ लिया। दूसरे आरोपी, नरिंदर पाल सिंह (उर्फ एन.पी.) की गिरफ्तारी अभी बाकी है। इसके अलावा, आगे की जांच के दौरान पासपोर्ट ऑफिस के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। इस संबंध में, विजिलेंस ब्यूरो पुलिस स्टेशन, जालंधर में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की आगे की जांच चल रही है।