श्री गुरु रविदास जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं से परिचित करवाएंगे यह आयोजन; साल के अंत तक जारी रहेंगी शोभा यात्राएं, साइक्लोथॉन और अन्य प्रोग्राम
जालंधर, 30 अगस्त (भारत विज़न 24)-पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित पूरे प्रदेश में ड्रोन शो करवाए जा रहे हैं, जिसके तहत अगले महीने जालंधर जिले में विभिन्न स्थानों पर ऐसे 6 शो करवाए जाएंगे।
पंजाब के बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी और रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत तथा पंजाब पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने यहां जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में अधिकारियों और संत समाज के सदस्यों के साथ तैयारियों का जायजा लेते हुए प्रोग्राम के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि ड्रोन शो में शानदार दृश्यों के माध्यम से श्री गुरु रविदास महाराज जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं को प्रस्तुत किया जाएगा।इस मौके पर विधायक बलकार सिंह और इंद्रजीत कौर मान, पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक के चेयरमैन पवन कुमार टीनू, पंजाब पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग के निदेशक संजीव तिवारी, डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया तथा आप के वरिष्ठ नेता पिंदर पंडोरी, सज्जन सिंह चीमा, राजविंदर कौर थियाड़ा और हरजोत कौर भी मौजूद थे। जालंधर जिले में होने वाले 6 शो जालंधर शहर, नकोदर, शाहकोट, फिल्लौर, आदमपुर और करतारपुर क्षेत्र को कवर करेंगे।श्री भगत और श्री बाली ने कहा कि पंजाब सरकार ने श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाने के लिए ऐतिहासिक पहल की है। इसके तहत वृत्तचित्र फिल्मों का प्रदर्शन, पौधे लगाने के अभियान, कीर्तन दरबार, सैमिनार और मैराथन जैसे कार्यक्रम पहले ही करवाए जा चुके है। उन्होंने कहा कि अगले चरण में ड्रोन शो, साइक्लोथॉन, शोभा यात्राएं और अन्य कार्यक्रम शामिल होंगे, जो साल 2026 के अंत तक जारी रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य श्री गुरु रविदास जी के महान उपदेशों को आम लोगों तक पहुंचाना और विश्व-व्यापी भाईचारा, सामाजिक समानता तथा सद्भावना पर आधारित समानता वाले समाज को प्रोत्साहित करना है। संत समाज के प्रमुख सदस्यों, जिनमें संत निर्मल दास जी जौड़े वाले, बहन संतोष जी और खुरालगढ़ साहिब से संत सतविंदर हीरा जी शामिल थे, ने सरकार के प्रयासों की सराहना की और आयोजनों में अपना पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया।