28-29 अगस्त को कई जगहों पर मुख्यमंत्री के पुतले जलाए जाएंगे और ट्वीट्स व धमकी भरे पत्रों की प्रतियां जलाई जाएंगी; 30 अगस्त को लुधियाना में अगली जोरदार लड़ाई की घोषणा के लिए एक बैठक होगी – संयुक्त तालमेल कमेटी।*
जालंधर, (भारत विजन 24)- पंजाब कर्मचारी और पेंशनर्ज सांझा फ्रंट और संयुक्त कर्मचारी मंच के आधार पर बनी संयुक्त तालमेल कमेटी को पंजाब के मुख्यमंत्री ने आज पी ए पी जालंधर में बैठक के लिए लिखित निमंत्रण पत्र दिया था; यह बैठक पहले पंजाब भवन, चंडीगढ़ में होनी थी। संयुक्त मोर्चे के नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज फिर बैठक करने से टालमटोल की। पी ए पी जालंधर के गोल्फ क्लब में संयुक्त तालमेल कमेटी के प्रमुख नेताओं गुरनाम सिंह विर्क, सतीश राणा, सुखचैन सिंह खैरा, रंजीत सिंह रानवा, सुशील कुमार फौजी, करम सिंह धनोआ, हरजिंदर सिंह पन्नू, जरमनजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, भजन सिंह गिल, एनके कल्सी, मंजीत सिंह बसरके, तरसेम सिंह भट्टल, सुखदेव सिंह सैनी, गुरशरण सिंह हुंदल, गगनदीप सिंह भुल्लर, दीदार सिंह चोकर, अमरीक सिंह कांग, दिलप्रीत सिंह, दिग्विजय पाल शर्मा, हरनेक सिंह, अवतार सिंह कैथ, रघुवीर सिंह बडवाल और जगदीश सिंह चहल ने कहा कि 7 अगस्त को चंडीगढ़ में आयोजित विशाल रैली के दौरान संयुक्त तालमेल कमेटी को पंजाब भवन, चंडीगढ़ में 27 अगस्त को बैठक का समय दिया गया था, लेकिन कल शाम बैठक की जगह बदलकर पी ए पी जालंधर कर दी गई। पुलिस प्रशासन साथियों को बैठक के लिए गोल्फ क्लब ले गया, जहां सिविल और पुलिस प्रशासन ने उन पर दबाव डाला कि मुख्यमंत्री ने बैठक के लिए यह शर्त रखी है कि कर्मचारी पहले लिखकर दें कि वे हड़ताल खत्म कर आज ही ड्यूटी पर लौटेंगे, और उसके बाद ही बैठक होगी। मुख्यमंत्री की इस शर्त को कर्मचारी नेताओं ने खारिज कर दिया और मुख्यमंत्री फिर बैठक करने से पीछे हट गए। उक्त नेताओं ने कहा कि यह फिलहाल सिर्फ एक अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है। नेताओं ने मुख्यमंत्री के इस रवैये की कड़ी निंदा की और घोषणा की कि 28 और 29 अगस्त को पंजाब के सभी जिलों, तहसीलों, ब्लॉक सेंटरों और विभिन्न विभागों व सरकारी संस्थानों के सामने मुख्यमंत्री के पुतले जलाए जाएंगे, साथ ही कर्मचारियों के खिलाफ किए गए ट्वीट और 27 अगस्त के धमकी भरे पत्र की प्रतियां भी जलाई जाएंगी। सभी नेताओं ने कहा कि पंजाब के कर्मचारी नेतृत्व को लिखित निमंत्रण न देना और बैठक न करना लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के साथ एक बड़ा धोखा है। इन नेताओं ने घोषणा की कि सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों के संबंध में जारी पत्र को खारिज कर चुनौती स्वीकार कर ली है, और 30 अगस्त को लुधियाना में पंजाब के सभी संगठनों की एक बैठक बुलाई गई है, जिसमें अगले कड़े संघर्ष की घोषणा की जाएगी।