












(भारत विज़न 24)-हर पंजाबी और इंसाफ़ पसंद इंसान को जाति-धर्म से ऊपर उठकर जेल में बंद सिखों की रिहाई के लिए आवाज़ उठानी चाहिए। सिख संगठनों को भी जाति-धर्म से ऊपर उठकर उन सिख भाइयों की रिहाई के लिए आवाज़ उठानी चाहिए जो लंबे समय से जेलों में बंद हैं। तभी हम जेल में बंद सिखों को रिहा करवा सकते हैं। सिख सेवक सोसाइटी, इंटरनेशनल सिख तालमेल कमेटी, पुनर सुरजीत अकाली दल और सिख फिलॉसफर समेत कई सिख संगठनों ने एक संयुक्त बयान में यह मांग की है। इन संगठनों के नेताओं परमिंदर पाल सिंह खालसा, हरदेव सिंह, तजिंदर सिंह परदेसी, हरप्रीत सिंह, नीतू, अमरजीत सिंह किशनपुरा, प्रिंसिपल बलजीत सिंह, जसविंदर सिंह जस्सा – ने कहा कि हमारे सिख भाई पिछले 30-32 सालों से जेलों में हैं, लेकिन सरकारों पर कोई असर नहीं हो रहा है। जत्थेदार भाई जगतार सिंह हवारा की बुज़ुर्ग मां जिनकी सेहत बहुत नाज़ुक है, उनसे मिलने के लिए उन्हें 10 दिन की पैरोल भी नहीं दी जा रही है। जत्थेदार हवारा, भाई जगतार सिंह तारा और अन्य साथियो ने कानून के मुताबिक अपनी सज़ा पूरी कर ली है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें जेलों में रखना न सिर्फ़ मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि अन्याय भी है। अगर पार्टियां सिर्फ़ उनकी रिहाई के नाम पर वोट हासिल करना चाहती हैं, तो हमें उनसे ज़्यादा उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। उनके आंसू मगरमच्छ के आंसुओं जैसे हैं। सिर्फ़ पंजाबियों की एकता और बुलंद आवाज़ ही इन नायकों को रिहा करवा सकती है।

