













- जलंधत,29 अक्टूबर (भारत विज़न 24)-
सिख तालमेल कमेटी ने एक स्युक्त बयान जारी करके कहा कि सिख चेहरों को नज़रअंदाज़ करने का मामला किसी एक पॉलिटिकल पार्टी तक सीमित नहीं होना चाहिए। जालंधर और पंजाब की सभी पॉलिटिकल पार्टियों को अपने फैसलों पर रिव्यू करना चाहिए और सिख नेताओं को भी उनकी काबिलियत, लोक सेवा और पॉलिटिकल योगदान के आधार पर ज़रूरी ज़िम्मेदारियां दी जानी चाहिए।कमेटी ने कहा कि सिख कम्युनिटी के रिप्रेजेंटेशन को सिर्फ़ चुनाव के दौरान ही याद नहीं रखना चाहिए, बल्कि पार्टियों के ऑर्गेनाइज़ेशनल स्ट्रक्चर और ज़रूरी अपॉइंटमेंट में भी उन्हें सही जगह मिलनी चाहिए। डेमोक्रेसी को मज़बूत करने के लिए यह ज़रूरी है कि सभी कम्युनिटी को पॉलिटिकल प्रोसेस में बराबर मौके मिलें।कमेटी ने साफ़ किया कि यह मांग किसी धर्म या जाति के ख़िलाफ़ नहीं है। इसका मकसद सिख भाईचारे की इज्ज़त, अधिकार और सही पॉलिटिकल रिप्रेजेंटेशन पक्का करना है। यह सोच कि सिख नेताओं को कोई भी पार्टी लगातार नज़रअंदाज़ कर रही है, सामाजिक और पॉलिटिकल चिंता का विषय है।अगर फैसले पर दोबारा विचार नहीं किया गया तो अगली रणनीति बनाई जाएगी। हरपाल चड्ढा ने आम आदमी पार्टी हाईकमान से जालंधर चुनाव क्षेत्र के इंचार्जों की नियुक्तियों की समीक्षा करने और काबिल सिख नेताओं को अहम जिम्मेदारियां देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय की भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इस मामले को जल्दी सुलझाया जाना चाहिए।उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सिख समुदाय को सही प्रतिनिधित्व देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो सिख कोऑर्डिनेशन कमेटी अलग-अलग सिख संगठनों के साथ मिलकर अगली रणनीति बनाएगी। इसमें संबंधित राजनीतिक पार्टी का बॉयकॉट करने जैसे कड़े कदम उठाने पर भी विचार किया जा सकता है।सिख तालमेल कमेटी ने सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील की कि वे सिख नेताओं की काबिलियत और योगदान का पूरा सम्मान करें और जालंधर समेत पूरे पंजाब में सिख समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाएं। सिख तालमेल कमेटी के शुरू किए गए कैंपेन में कई ऑर्गनाइज़ेशन ने हिस्सा लेने का ऐलान किया, जिसमें परमप्रीत सिंह विट्टी गुरु घर के प्रतिनिधि जगमोहन सिंह पक्का बाग, चरणजीत सिंह चड्डा, कमल जीत सिंह गुरु तेग बहादुर नगर, सतपाल सिंह सिदकी, गुरजीत सिंह पोपली, हरप्रीत सिंह नीटू, भूपिंदर पाल सिंह, गुरविंदर सिंह सिद्धू, पलविंदर सिंह बाबा के प्रतिनिधि शामिल थे। गुरविंदर सिंह नागी, अमनदीप सिंह बग्गा, अरविंदर पाल सिंह बबलू, तजिंदर सिंह संत नगर, जसप्रीत सिंह जस्सी, रंजीत सिंह गोल्डी, सनी राठौर, राजा सिंह, हरप्रीत सिंह बाजवा, रंजीत सिंह नोनी, परमजीत सिंह बंटी राठौर, मोहिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह मंगत सिंह, जसमीत सिंह लोटस, सुखदेव सिंह सुखा बेदी, साहिब, भूपिंदर सिंह भिंडा, प्रदीप सिंह विक्की, बलविंदर सिंह मनिंदर सिंह बेदी, डॉ. गुरमुख सिंह,आकाश गुगलानी, बिक्रमजीत सिंह, फतेहबीर सिंह साहनी के साथ बड़ी संख्या में प्रीतिनिधि मौजूद थीं।
